Didi Ki Bur Ko Burang Bana Diya Chod Chod Kar

हेलो मैं दीपक बिहार से हु मेरा ऐज 21 साल है और में अपने फेमली के साथ रहता हु मेरे फेमली में में मेरी दीदी ऐज24 साल माँ उनकी ऐज 45 साल पापा ऐज 47 साल और छोटी बहन ऐज 18 साल हम सब अछे से रहते थे तभी एक घटना ऐसी घटी की रिश्ता तार तार हो गई अब में कहानी पे आता हु मेरी दीदी की सादी हो गई है और वो 6 माह या 1 साल में एक बार मेरे घर आती है. Didi Ki Bur Ko Burang Bana Diya Chod Chod Kar.

माँ पापा से मिलने और 1या2 रोज रुक के चली जाती थी अपने ससुराल एक बार मेरे नानी की तबियत ख़राब थी तो पापा और माँ जाने के लिये तैयार हुऐ तभी छोटी बोली माँ में भी चलु तो माँ बोली ठीक है तू तैयार हो जा अब माँ बोली की दीपक को कौन खाना बना के देगा तभी पापा बोले अरे रीना को बुला लेते है,

रीना मेरी बड़ी दीदी का नाम है माँ बोली ठीक है और पापा फोन करके दीदी को सब बात बताये तो दीदी बोली इनसे बात कहिये मेरे जीजा से तब पापा बोले रमेश बेटा कुछ दिन के लिये रीना को यहाँ भेज दो और सब बात बताये तो जीजा बोले में अभी ले के आता हु और 1 घण्टा बाद जीजा रीना दीदी को मेरे घर लाये और वो अपनी मारुती से आये थे तो माँ पापा और छोटी को अपनी गाड़ी से मेरे मामा के घर लेके चले गये उन सब को जाने के बाद में और दीदी मेन गेट को बंद कर के रूम में आ गए और दीदी खाना बनाई तब तक रात हो गई दोनों भाई बहन खाना खा के सोने चले गये ये स्टोरी आप क्रेजी सेक्स  स्टोरी  डॉट कॉम पे पड़ रहे है,                              Didi Ki Bur Ko Burang

सुबह दीदी जल्दी उठी और खाना बाना के झाड़ू पोछा करने में लगी थी तभी में जागा और दीदी मेरे रूम में पोछा लगा रही थी मेरी बेड की ओर दीदी की गांड थी दोस्तों मेरे मन में पहले दीदी के बारे में गलत खयाल नहीं था लेकिन आब मेरे सामने एक बड़ी गांड था वो भी मेरे सगी दीदी की में अब होस खो रहा था

अब मेरा लंड अपने आप खड़ा हो गया में करवट बदल के लंड को बिस्तर से दबा के सोने का नाटक करने लगा लेकिन लंड खड़ा ही रहा अब में क्या कारु समझ में नहीं आ रहा था तभी दीदी मेरे बेड के आगे तक पोछा लगाते चली गई आब उनकी चूची(बूब्स) दिखने लगा मुझे में आब और नहीं देख सकता था नहीं तो मेरा लंड कम वीर्य निकालने लगता में उठ के बैठ गया और दीदी जैसे टेबल की ओर घुमी में रूम से बहार निकल गया और में बाथ रूम में जाके हाथ मुह धो के अपने लंड को सांत करने लगा लेकिन लंड साला झुकने को तैयार नहीं था ,            Didi Ki Bur Ko Burang

में मूठ मारने लगा उधर दीदी रूम में पोछा मार रही थी आज पहली बार में दीदी की बॉडी को देख के मूठ मार रहा था 10 मिंट मुठ मारते रहा तभी मेरे लंड से वीर्य गिरने वाला था अब में झट से एक कपड़ा उठा लिया और सारा वीर्य उसमे गिरा दिया वो कपडा दीदी नाहा के पहनने के लिये बाथरूम में राखी थी में जब सांत हुआ तब देखा की में दीदी की साया (पेटीकोट) मेरे वीर्य से गीली हो गई है अब में घबराहट से साया को रख के और अपने रूम में आ गया यहाँ दीदी झाड़ू पोछा कर के फ्री हो गई थी अब वो नहाने बाथ रूम में गई नाहा के जब अपनी कपड़ा पहनने के लिये साया ली तो वो मेरे वीरया से गीली साया देख सब समझ गई,

Didi Ki Bur Ko Burang

फिर साया ना पहन के वही रख दी और नाइटी पहन के बाहर आई दीदी मुझे देख के मुस्कुराते हुए बोली दीपू तुम नाहा लो और आके खाना खा लो अब में भी मुस्कुराते हुये अभी आता हु दीदी तुम तैयार रखो दीदी हा कहते हँसने लगी अब में दीदी को समझ नहीं पा रहा था की दीदी क्यों हँस रही है कही उनको चुदवाना तो नहीं है खेर अब में नहाने गया वाहा दीदी की साया देख मेरे मन में कुछ सवाल आ गये की दीदी साया क्यों नहीं पहनी तभी मेरा लंड करा हो गया अब में साया को हाथ में लेके लंड को मूठी में साया के अंदर लेके मूठ मारने लगा 10 मिनट बाद मेरे पीछे दीदी आ गयी में अभी मूठ मार रहा था मै झरने वाला था की दीदी बोली ये क्या कर रहा है वो मेरे बिल्कुल पीछे थी मेरे कण में आवाज जाते ही साया मेरे हाथ से छूट के निचे गिर गया में लंड को छोर के दीदी की ओर तेजी से घुमा जब तक मेरे लंड से पिचकारी के साथ मेरी वीर्य निकलने लगा लंड हवा में था,                                                                  Didi Ki Bur Ko Burang

उसके आगे दीदी खरी थी अब वीर्य दीदी के नाइटी को भिगाने लगा देखते देखते दीदी की नाइटी कमर तक वीर्य वीर्य हो गई मुझे साप सूंघ गया दीदी दीदी चीला के बोली दीपू मैं डर गया दीदी गुसे से बाहर निकल के अपने रूम में जाके सो गई में 2 घंटे सोचता रहा बाद में दीदी के रूम में दबे पाव उनके पास गया और दीदी की नाइटी देख के मै चौक गया दोस्तों मेरे वीर्य से दीदी की नाइटी गीली हो गई थी दीदी सोई थी में दीदी की दोनों पैर के बीच बैठ के अपनेवीर्य को देखने लगा अबमेरा लंड करा होने लगामें ये भी भूल गया की ये मेरी दीदी है में नाइटी को ऊपर करने लगा थोड़ी ऊपर करते ही में होस खो दिया दीदी की बूर पे एक भी बाल नहीं थे वो पूरी तरह साफ था में अपने आप को रोक नहीं सका आब में दीदी के नाइटी को छोर के अपना लंड को बाहर निकाल के दीदी के बूर पे सेट कर के एक जोर का झटका दिया और दीदी की दोनों पैर को उठा के कन्धे पे रख लिया मेरा लंड आधा से ज्यादा दीदी की बूर में था

Didi Ki Bur Ko Burang

दीदी आँख खोल के देखने लगी पर ऊनको सौक लग गया वो सांत पीठ के बल सोई रही में अब चोदना स्टार्ट कर दिया मेरा लंड दीदी के बूर को फार रहा था दीदी कुछ बोले चुदाई होते देख रही थी में अब 15 मिनट चोदा दीदी अकने लगी तभी में लंड दीदी के बूर से निकाल के बूर के ऊपर घिसने लगा तभी दीदी की बूर से पानी की धार मेरे लंड पे गिरने लगा अब थोड़ी देर में दीदी सांत हो गई तभी मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकलने लगा लंड बूर के बहार था वीर्य इतना तेज निकला की दीदी के मुह आँख और चूची मेरे वीर्य से भर गया अब में दीदी के पैर छोर दिया दीदी लेटी रही में उनके रूम से निकल गया तभी थोड़ी देर बाद दीदी मेरे रूम में आई और बोली दिपु तू पहले मेरी साया और नाइटी को साफ कर इसे गन्दा कर दिया साले बहनचोद तू मुझे क्या बेवकूफ समझता है तू सोचता होगा की तू अपनी दीदी को चोदा है इस गलत फहमी में मत रहना दीदी के मुह से ये सब सुन के में सन था मेरे मुह से आवाज नहीं आ रही थी.            Didi Ki Bur Ko Burang

तब दीदी बोली की तेरे जीजा मुझे और अपनी बहन को चोदता है और में यहाँ आई हु तो वो अपनी बहन को रोज चोदता होगा तभी में तुझे अपनी चूची दिखा दिखा के तुझे यहाँ तक लाई हु समझा दिपु ये मेरी प्लान से हुआ अब में सरम छोर के कहा दीदी तू तो बहुत बरी रण्डी है रे दीदी बोली नहीं अभी तक में पति से चुदवाती थी अब तू दूसरा मर्द होगाया जो इस बूर में गया है अब 12 बज गये थे में दीदी को बोला अब इधर आओ दीदी मेरे पास आई में उनकी नाईटी को ऊपर करने लगा तबी दीदी बोली क्या कररहा है में बोला दीदी साया और नाईटी धोना होगा न तब दीदी बोली वोहो गलती किया है तो धोना परेगा में दीदी की नाईटी निकाला और अपने लंड को साफ किया दीदी पूरी नंगी मेरे सामने थी,

में उनको देख के हैरान था क्यों की दीदी की बूर दोनों जांघ के बीच में फुला हुआ था में बूर देखा तभी दीदी पीछे मुड़ गई में दीदी की गांड को देखते ही खरा हो गया दोस्तों गांड पीछे निकली हुई थी में दीदी को पीछे से लंड दीदी की गाण्ड में फसा के जोर लगाया लंड का टोपा अंदर गया की दीदी झुक के बेड पकर के निहुअर गई अब लंड को अंदर पेलने लगा मेरा लंड मोटा था इसलिये दीदी को और मुझे भी दर्द हो रहा था में आस्ते आस्ते लंड को पूरा अंदर कर दिया,                                          Didi Ki Bur Ko Burang

अब दीदी पीछे गांड धकेल के चुदवाने लगी मुझे बूर चोदने से ज्यादा माजा गांड चोदने में आरहा था मेंरा लंड पूरा कसाव में आगे पीछे हो रहा था अब में 20 मिनट दीदी की गांड मारी ओर अंदर ही झर गया जब वीर्य निकलने लगा तब दीदी छटपटाने लगी उनको गुदगुदी होने लगी गांड को आगे करने लगी की लंड बाहर निकल जाये लेकिन में दीदी की कमर ताकत से पकर के लंड गांड में रखा दीदी बेड पे मुह के बल गिर गई में भी दीदी के ऊपर गिरा रहा जब मेरा लंड सिकुर के छोटा हुआ तब में निकाला दीदी बोली दीपू तू क्या खाता है

Didi Ki Bur Ko Burang

रे इतना वीरया कहा से निकालता है में बोला दीदी तुम हो ही इतनी सेक्सी की छोड़ने का मन नहीं करता में अब दीदी को चोद दिया था अब 3 बज गये थे में दीदी को बोला की दीदी तुम तो 2 दिन बाद चली जाओगी अभी दीदी के बोलने से पहले ही जीजा का फोन आया दीदी की मोबाइल पे जीजा बोले की दीपू की नानी के डेथ हो गया हैं अब वो लोग 15 दिन नहीं आएंगे दीदी फोन रखते बोली अब तुम 15 दिन मेरे पति हो में क्या दीदी हा नानी इस दुनिया में नहीं है अब दीदी को में दिन मे 4 बार और रात में 2 बार रोज चोदता हु मेरी दीदी को मेरा लंड इतना पसंद है की वो बुर में डलवा के सोती है जब करवट बदलती है तो अपनी गांड को पीछे कर के लंड पेलवा के सोती है अब में भी खुस था फ्री में दीदी की गांड और बूर जो मिल रहा था , धन्यवाद मेरि दीदी भाभी और चाचियों अगर आप भी मेरे लंड से चुदवाना चाहती हो तो मुझे मेल करो ये चुदाई गुप्त रहेगी और माजा तो मेरी दीदी से पूछो गुड बॉय……                             Didi Ki Bur Ko Burang

6,154 thoughts on “Didi Ki Bur Ko Burang Bana Diya Chod Chod Kar”

  1. Случилась беда — отец не выходит из запоя. Таблетки бесполезны — нужна клиника. Друзья порекомендовали. Можно лечь в клинику. Медперсонал круглосуточно. Капельницы и терапия — профессионально. Без постановки на учёт. Уход профессиональный. цена вывода из запоя в стационаре https://kapelnica.vyvod-iz-zapoya-v-stacionare-samara13.ru Все условия работы. Обращались туда — врачи золотые. Состояние нормализуется. И что ценно — с заботой. Чем раньше, тем лучше. Время не ждёт. Кто ищет стационар — советую. Всё наладится!

    Reply
  2. Беда — отец совсем потерял контроль. Скорая не приезжает — только стационар поможет в нашем городе. Хорошо, что есть клиника — интенсивная терапия. Медперсонал на месте 24/7. Инфузионная терапия — надёжно. Без лишних бумаг. Отношение внимательное. вывод из запоя в стационаре анонимно вывод из запоя в стационаре анонимно Там контакты и цены для НН. Уже пользовались — врачи высший класс. После лечения сразу легче. Чем раньше, тем лучше. Кто в НН — не бойтесь. Держитесь!

    Reply
  3. A piece that did not lecture even when it had clear positions, and a look at leadlantern maintained the same teaching without preaching tone, finding the line between informing and lecturing is hard and most sites land on the wrong side of it but this one has clearly figured out how to inform without becoming preachy.

    Reply
  4. Solid recommendation from me to anyone working in the area, the perspective here is grounded, and a look at ardenluxe adds even more useful angles, the kind of site that becomes a reference rather than just a one time read which is a higher bar than most blogs ever reach today on the modern web.

    Reply

Leave a Comment

WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com